CIBIL Score Rule – भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने CIBIL Score और क्रेडिट रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है, जिसका सीधा असर करोड़ों लोन लेने वालों पर पड़ेगा। इस नए नियम का उद्देश्य ग्राहकों को ज्यादा पारदर्शिता, समय पर जानकारी और गलत रिपोर्टिंग से राहत देना है। अब बैंकों और NBFCs को ग्राहकों के क्रेडिट अकाउंट से जुड़ी जानकारी तय समय सीमा में अपडेट करनी होगी, जिससे CIBIL Score पर अनावश्यक नकारात्मक असर कम हो सके। कई बार देखा गया है कि समय पर डेटा अपडेट न होने या तकनीकी गलती के कारण लोगों का स्कोर गिर जाता है, जिससे लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना मुश्किल हो जाता है।

नया CIBIL Score नियम क्या है और इसमें क्या बदलाव हुए हैं
RBI के नए CIBIL Score नियम के तहत अब क्रेडिट संस्थानों को ग्राहकों की क्रेडिट जानकारी ज्यादा तेजी से और नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। पहले जहां कई बार महीने के अंत में या लंबे अंतराल के बाद डेटा रिपोर्ट किया जाता था, अब इसमें सख्ती लाई गई है। इसका मतलब यह है कि EMI भुगतान, डिफॉल्ट, सेटलमेंट या लोन क्लोज़र जैसी जानकारी जल्दी CIBIL में दिखेगी। इससे ग्राहकों को फायदा यह होगा कि समय पर भुगतान करने पर उनका स्कोर जल्दी सुधर सकता है। वहीं, अगर किसी वजह से भुगतान में देरी होती है, तो उसका असर भी तुरंत दिखेगा, जिससे लोग ज्यादा सतर्क रहेंगे।
लोन लेने वालों और क्रेडिट कार्ड यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर
इस नए नियम का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। समय पर EMI भरने वाले ग्राहकों के लिए यह नियम फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि उनका अच्छा भुगतान व्यवहार जल्दी CIBIL Score में दिखेगा। इससे भविष्य में कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना बढ़ सकती है। दूसरी ओर, जो लोग बार-बार भुगतान में देरी करते हैं, उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि अब नेगेटिव एंट्री जल्दी अपडेट होगी। इसके अलावा, लोन क्लोज़ करने के बाद भी अगर स्कोर अपडेट नहीं होता था, तो अब ऐसी समस्या कम देखने को मिलेगी।
क्रेडिट रिपोर्ट में गलती होने पर अब क्या करना होगा
अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कोई गलती दिखाई देती है, जैसे गलत बकाया राशि, बंद लोन को चालू दिखाना या किसी और का अकाउंट जुड़ा होना, तो नए नियम के तहत आपको पहले से ज्यादा राहत मिलेगी। RBI ने शिकायत निवारण प्रक्रिया को मजबूत किया है, जिससे ग्राहक सीधे क्रेडिट ब्यूरो या संबंधित बैंक से संपर्क कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के बाद तय समय सीमा में उसका समाधान करना अब अनिवार्य होगा। अगर बैंक या NBFC समय पर सुधार नहीं करता, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। इससे पहले ग्राहक महीनों तक फॉलो-अप करते रहते थे, लेकिन अब प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तेज होगी।
CIBIL Score सुधारने के लिए अब किन बातों का रखना होगा ज्यादा ध्यान
RBI के नए नियम लागू होने के बाद CIBIL Score सुधारने के लिए अनुशासन और भी ज्यादा जरूरी हो गया है। सबसे पहले, सभी EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाना बेहद अहम है, क्योंकि अब देरी का असर तुरंत दिखेगा। दूसरा, क्रेडिट कार्ड की लिमिट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह स्कोर को नेगेटिव रूप से प्रभावित करता है। तीसरा, बार-बार लोन या कार्ड के लिए आवेदन करने से बचें, क्योंकि हर हार्ड इंक्वायरी स्कोर को थोड़ा कम कर सकती है। इसके अलावा, पुराने और अच्छे क्रेडिट अकाउंट्स को बंद करने से पहले सोचें, क्योंकि लंबा क्रेडिट इतिहास स्कोर के लिए फायदेमंद होता है।
